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LIVE PM मोदी का कांग्रेस पर बड़ा अटैक: यूपीए के 10 सालों में हुए घपले-घोटाले, हमने उत्तराखंड को दिए एक लाख करोड़ के निवेश प्रोजेक्ट , 18 हज़ार करोड़ की योजनाओं का लोकार्पण-शिलान्यास, दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस वे का शिलान्यास, अब दिल्ली दूर नहीं

देहरादून: शनिवार को देहरादून पहुंचे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने उत्तराखंड को 18 हजार करोड़ की योजनाओं की सौगात दी। प्रधानमंत्री ने जहां कई योजनाओं का शिलान्यास किया वहीं कई अन्य योजनाओं का लोकार्पण भी किया।

PM मोदी का कांग्रेस पर बड़ा अटैक

यूपीए के 10 सालों में हुए घपले-घोटाले हमने उत्तराखंड को दिए एक लाख करोड़ के निवेश प्रोजेक्ट: PM MODI

PM मोदी ने पांच योजनाओं का किया शिलान्यास

दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस-वे

EPE जंक्शन से देहरादून तक 175 किलोमीटर लंबा एक्सप्रेस-वे 8600 करोड़ रुपए में बनेगा।
इससे हरिद्वार को भी जोड़ा जाएगा और यह एक्सप्रेस वे मुजफ्फरनगर, शामली, यमुनानगर, बागपत, मेरठ और बड़ौत
को कनेक्ट करेगा। इसमें एशिया का सबसे बड़ा 12 किलोमीटर लंबा वन्यजीव एलिवेटेड कॉरिडोर बनेगा। दावा किया जा रहा है कि इस एक्सप्रेस वे के बनने से दिल्ली-देहरादून यात्रा छह घंटे से घटकर मात्र ढाई घंटे की रह जाएगी।

ग्रीनफील्ड एलाइनमेंट : 2082 करोड़ रुपए में दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस-वे पर 51 किलोमीटर लंबा ग्रीनफील्ड एलाइनमेंट बहादराबाद और सहारनपुर के हलगोवा के बीच बनेगा। इसमें छह इंटरचेंज, चार फ्लाईओवर, छह प्रमुख पुल, दस माइनर, दो रेलवे ओवर ब्रिज और 10 वीयूपी होंगे।

हरिद्वार रिंग रोड : गांव और कस्बों को हाईवे से जोड़ने के प्रधानमंत्री के अभियान के तहत रिंग रोड का निर्माण होगा, जो मनोहरपुर से कांगड़ी तक 15 किलोमीटर लंबा होगा और 1602 करोड़ की लागत से बनेगा। रिंग रोड से कुमाऊं आने-जाने में भी सहूलियत होगी।

लक्ष्मण झूला के पास पुल : लक्ष्मणझूला पुल की भार क्षमता घटने के कारण आवागमन बंद है लिहाजा अब 69 करोड़ में 132.30 मीटर स्पान का नया पुल बनेगा। पैदल यात्रियों के लिए ग्लास डैक का प्रावधान किया गया है। इस पुल पर हल्के वाहन भी चला करेंगे।

देहरादून-पौंटा साहिब मार्ग : 1695 करोड़ की लागत से 50 किलोमीटर लंबा मार्ग बनाया जाएगा। यह पौंटा साहिब से शुरू होकर बल्लूपुर चौक तक बनेगा। इसमें तीन बड़े, 43 छोटे पुल, एक फ्लाईओवर, 15 अंडरपास बनेंगे। इसके बनने के बाद हिमाचल प्रदेश से देहरादून की यात्रा आसान होगी।

प्रधानमंत्री मोदी ने इन योजनाओं का किया लोकार्पण

व्यासी जल विद्युत परियोजना : 1777 करोड़ लागत की 120 मेगावाट की जलविद्युत परियोजना तैयार हो गई है। 86 मीटर ऊंचे बांध वाली इस परियोजना से हर साल 353 मिलियन यूनिट अतिरिक्त हरित ऊर्जा का उत्पादन भी होगा। इससे बड़े पैमाने पर लोगों को रोजगार भी मिलेगा।

ऑल वेदर रोड, देवप्रयाग से श्रीकोट : 257 करोड़ की लागत से ऑल वेदर रोड प्रोजेक्ट के तहत देवप्रयाग से श्रीकोट तक 38 किलोमीटर सड़क चौड़ी करने का काम पूरा हो चुका है। इसके बनने से देवप्रयाग, बागबान, लक्ष्मोली, जुयालगढ़, कीर्तिनगर और स्वीत गांवों को फायदा मिलेगा।

ऑल वेदर रोड, ब्रहम्पुरी से कौड़ियाला : 248 करोड़ की लागत से 33 किलोमीटर सड़क चौड़ीकरण हो रहा है। ब्रह्मपुरी से कौड़ियाला महादेव चट्टी तक दो लेन में चौड़ीकरण हो चुका है। 600 मीटर मैरीन ड्राईव का निर्माण भी हो चुका है।

ऑल वेदर रोड, लामबगड़ : लामबगड़ में सालों से क्रोनिक लैंड स्लाइड जोन सक्रिय होने से बदरीनाथ धाम जाने वाले यात्रियों और स्थानीय लोगों को लगातार परेशानी हो रही थी। अब इसका 108 करोड़ में स्थायी ट्रीटमेंट किया गया है। 500 मीटर की लंबाई में 27 से 44 मीटर ऊंचाई की रीनफोर्स अर्थवॉल और पत्थर से बचाव के लिए रॉकफॉल बैरियर बनाया गया है। भारत-चीन अंतरराष्ट्रीय सीमा में स्थित होने के कारण यह सामरिक लिहाज से भी फ़ायदेमंद होगा।

ऑल वेदर रोड, साकणीधार, देवप्रयाग और श्रीनगर : करीब 75 करोड़ 90 लाख रुपये की कीमत से इन सभी जगहों पर स्थायी भूस्खलन वाले क्षेत्रों का उपचार किया गया है। साकणीधार में 200 मीटर, देवप्रयाग में 200 मीटर और श्रीनगर में 700 मीटर मार्ग का उपचार किया गया है।

हिमालयन कल्चरल सेंटर देहरादून : 67 करोड़ की लागत से गढ़ीकैंट में हिमालयन कल्चरल सेंटर स्थापित किया गया है। इसके तहत एक राज्य स्तरीय संग्रहालय, बाह्य एवं आंतरिक कला दीर्घाएं, 800 सीट क्षमता का ऑडिटोरियम, लाइब्रेरी, नाट्यशाला और कांफ्रेंस हॉल का निर्माण किया गया है। इसमें प्रदेश की सभी सांस्कृतिक गतिविधियों, रंगमंच, आर्ट गैलरी, क्राफ्ट प्रदर्शनी को संजोकर रखा जाएगा।

सगंध पौधा केंद्र सेलाकुई : सेलाकुई स्थित सगंध पौधा केंद्र को केंद्र सरकार ने और मजबूती प्रदान की है। यहां 40 करोड़ की लागत से 20 हजार 560 वर्ग फिट क्षेत्र में छह अत्याधुनिक इत्र और सुगंध प्रयोगशालाओं का निर्माण किया गया है। इससे सगंध क्षेत्र से जुड़े रिसर्च, कृषि प्रसार, प्रसंस्करण, गुणवत्ता नियंत्रण, मूल्य संवर्धन आदि की सुविधाएं मुहैया होंगी।

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