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प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध प्लॉटिंग एवं निर्माण के विरुद्ध सख्त कार्रवाई, लगभग 25 बीघा अवैध प्लॉटिंग पर ध्वस्तीकरण व अवैध निर्माण पर सीलिंग की कार्यवाही

Bynewsadmin

Feb 12, 2026

उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी की आम जनता से अपील, अवैध कॉलोनियों में निवेश से बचें, भूखंड खरीदने से पूर्व उसकी विधिक स्थिति की अवश्य करें जांच

देहरादून- नियोजित विकास की दिशा में प्रतिबद्ध मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) द्वारा अवैध प्लॉटिंग एवं अनधिकृत निर्माणों के विरुद्ध व्यापक और निरंतर अभियान संचालित किया जा रहा है। प्राधिकरण क्षेत्र में सुनियोजित शहरी विकास, आधारभूत संरचनाओं की सुरक्षा तथा आमजन के हितों की रक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए  विभिन्न स्थानों पर ध्वस्तीकरण एवं सीलिंग की प्रभावी कार्रवाई की गई। यह कार्रवाई उत्तराखंड शहरी एवं ग्राम नियोजन तथा विकास अधिनियम के प्रावधानों तथा पूर्व में जारी नोटिसों के अनुपालन में की गई।

रामपुर शंकरपुर, सेलाकुई में लगभग 10 बीघा अवैध प्लॉटिंग ध्वस्त
प्राधिकरण को प्राप्त शिकायतों एवं क्षेत्रीय निरीक्षण के उपरांत यह पाया गया कि जावेद, डेविड एवं अन्य व्यक्तियों द्वारा रामपुर शंकरपुर, सेलाकुई, देहरादून में लगभग 10 बीघा भूमि पर बिना मानचित्र स्वीकृति एवं विधिक अनुमति के अवैध रूप से प्लॉटिंग की जा रही थी। संबंधित व्यक्तियों को नियमानुसार पूर्व में नोटिस जारी कर कार्य तत्काल बंद करने के निर्देश दिए गए थे। निर्देशों की अवहेलना किए जाने पर प्राधिकरण की प्रवर्तन टीम द्वारा मौके पर पहुंचकर अवैध रूप से विकसित की गई सड़कों, प्लॉटों के सीमांकन, मिट्टी समतलीकरण एवं अन्य संरचनात्मक गतिविधियों का ध्वस्तीकरण किया गया। कार्रवाई के दौरान सहायक अभियंता श्री शशांक सक्सेना, अवर अभियंता श्री सिद्धार्थ सेमवाल, सुपरवाइजर एवं पुलिस बल मौके पर उपस्थित रहे। संपूर्ण कार्रवाई विधिसम्मत एवं शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराई गई।

ढकरानी, हरबर्टपुर में 10–15 बीघा अवैध प्लॉटिंग पर सख्त कदम
इसी क्रम में पांवटा रोड स्थित ढकरानी हॉस्पिटल के पीछे, हरबर्टपुर, देहरादून क्षेत्र में अतुल विकास एवं त्यागी द्वारा लगभग 10 से 15 बीघा भूमि पर अनधिकृत प्लॉटिंग किए जाने की सूचना प्राप्त हुई। स्थलीय निरीक्षण में अवैध विकास की पुष्टि होने पर संबंधित पक्षों को विधिक नोटिस निर्गत किए गए थे। नोटिस के बावजूद अवैध गतिविधियां जारी रहने पर प्राधिकरण की संयुक्त टीम द्वारा मौके पर पहुंचकर अवैध मार्ग निर्माण, प्लॉटों के चिन्हांकन एवं अन्य विकास कार्यों को ध्वस्त किया गया। कार्रवाई के दौरान प्राधिकरण के अधिकारीगण, तकनीकी कार्मिक एवं पर्याप्त पुलिस बल तैनात रहा, जिससे कार्रवाई सुव्यवस्थित एवं प्रभावी रूप से संपन्न की जा सकी।

सेवला कला में अवैध निर्माण पर सीलिंग
चन्द्र परिसर, सेवला कला, देहरादून में नितिन चौहान द्वारा बिना स्वीकृत मानचित्र के निर्माण कार्य किए जाने की पुष्टि होने पर संयुक्त सचिव श्री गौरव चटवाल के आदेशों के अनुपालन में उक्त भवन पर सीलिंग की कार्रवाई की गई। इस दौरान सहायक अभियंता श्री विजय सिंह रावत, अवर अभियंता श्री अभिजीत सिंह थलवाल, सुपरवाइजर तथा पुलिस बल मौके पर उपस्थित रहे। नियमानुसार सीलिंग की कार्यवाही पूर्ण करते हुए परिसर को अग्रिम आदेशों तक बंद कर दिया गया है।

उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी का बयान
उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण सुनियोजित एवं संतुलित विकास के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अवैध प्लॉटिंग और अनधिकृत निर्माण न केवल शहरी व्यवस्था को प्रभावित करते हैं, बल्कि आमजन की गाढ़ी कमाई को भी जोखिम में डालते हैं। प्राधिकरण द्वारा ऐसे मामलों में किसी भी प्रकार की शिथिलता नहीं बरती जाएगी। उन्होंने कहा कि बिना स्वीकृत मानचित्र एवं वैधानिक अनुमति के किए जा रहे निर्माणों पर कठोर कार्रवाई की जाएगी और आवश्यकता पड़ने पर ध्वस्तीकरण एवं सीलिंग की प्रक्रिया अपनाई जाएगी। उन्होंने आम नागरिकों से अपील की कि भूखंड खरीदने से पूर्व उसकी विधिक स्थिति की जांच अवश्य करें तथा अवैध कॉलोनियों में निवेश से बचें। नियोजित विकास ही सुरक्षित भविष्य की गारंटी है।

सचिव मोहन सिंह बर्निया का बयान
सचिव मोहन सिंह बर्निया ने बताया कि प्रवर्तन अभियान निरंतर जारी रहेगा। सभी क्षेत्रीय अभियंताओं को नियमित निरीक्षण एवं त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि अवैध गतिविधियों में संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध अधिनियम के अंतर्गत विधिक कार्रवाई की जाएगी तथा कार्रवाई का व्यय भी संबंधित पक्षों से वसूला जाएगा।

प्राधिकरण की अपील
मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण आमजन को पुनः सूचित करता है कि बिना मानचित्र स्वीकृति एवं विधिक अनुमति के किसी भी प्रकार की प्लॉटिंग अथवा निर्माण पूर्णतः अवैध है। नागरिकों से अपेक्षा है कि किसी भी संपत्ति क्रय-विक्रय से पूर्व उसकी स्वीकृति एवं वैधानिक स्थिति की पुष्टि अवश्य करें।प्राधिकरण क्षेत्र में सुनियोजित, सुरक्षित एवं पारदर्शी विकास सुनिश्चित करने हेतु यह अभियान आगे भी निरंतर जारी रहेगा।

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