विद्यार्थियों ने विद्यालय के प्रति निष्ठापूर्वक अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करने हेतु ली शपथ
ऋषिकेश- निर्मल आश्रम दीपमाला पब्लिक स्कूल के सुसज्जित सभागार में आज गुरुवार 7 मई, 2026 को विद्यालय के नव-निर्वाचित विद्यार्थी प्रतिनिधियों का अलंकरण समारोह अत्यंत शालीन एवं अनुशासित वातावरण में संपन्न हुआ। नवनिर्वाचित प्रतिनिधियों को उनके पद की गरिमा के अनुरूप अलंकरण प्रदान किया गया।
इस अवसर पर विद्यालय के व्यवस्थापक संत जोध सिंह जी महाराज की गरिमामय उपस्थिति ने समारोह की शोभा को और भी बढ़ा दिया।

विद्यालय की प्रधानाचार्या श्रीमती ललिता कृष्णा स्वामी ने मुख्य अतिथि सरदार नरेंद्र जीत सिंह बिंद्रा (चेयरमैन, श्री हेमकुंड साहिब गुरुद्वारा मैनेजमेंट ट्रस्ट) एवं अन्य गणमान्य अतिथियों का हार्दिक स्वागत एवं अभिनंदन किया। इस अवसर पर विद्यालय के विद्यार्थियों द्वारा मुख्य अतिथि को पुष्पगुच्छ भेंट कर उनका ससम्मान स्वागत किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ भारतीय सभ्यता और संस्कृति की दिव्यता के प्रतीक दीप प्रज्ज्वलन के साथ किया गया। इसके उपरांत मूल मंत्र, गायत्री मंत्र तथा शबद गायन के माध्यम से ईश्वर का आह्वान किया गया और नकारात्मक शक्तियों के नाश तथा सात्विक ऊर्जा के प्रसार के लिए सामूहिक प्रार्थना की गई।

शपथ ग्रहण समारोह का शुभारंभ संत जोध सिंह जी महाराज, मुख्य अतिथि एवं अन्य गणमान्य अतिथियों की उपस्थिति में नव चयनित विद्यार्थी टीम द्वारा अनुशासित कदमताल के साथ प्रस्तुत की गई परेड से हुआ।
तत्पश्चात विद्यालय की प्रधानाचार्या श्रीमती ललिता कृष्णा स्वामी ने सभी चयनित विद्यार्थियों को विद्यालय के प्रति उनके कर्तव्यों और जिम्मेदारियों का निष्ठापूर्वक पालन करने की शपथ दिलाई। विद्यार्थियों ने पूर्ण आत्मविश्वास और दृढ़ संकल्प के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन ईमानदारी, निष्ठा और समर्पण भाव से करने का संकल्प लिया।
नवनिर्वाचित छात्र प्रतिनिधियों में विद्यालय कप्तान अंशुमन रयाल, अक्षिता भट्ट, उप कप्तान प्रांजल रावत, शिव्यांजलि, खेल कप्तान तन्मय रयाल, प्रियांशी राणा तथा साहित्य कप्तान रुद्राक्ष त्रिपाठी, आकांक्षी पुंडीर के अतिरिक्त विद्यालय के चारों सदनों ध्रुव, एकलव्य, अभिमन्यु एवं नचिकेता के लिए चयनित सदन के पदाधिकारियों (कप्तान, उप कप्तान, खेल कप्तान एवं साहित्यिक कप्तान) को समारोहपूर्वक बैच एवं सैशे प्रदान कर सम्मानित किया गया तथा उनके दायित्वों की औपचारिक घोषणा की गई।

विद्यार्थी प्रतिनिधियों को बधाई देते हुए अपने ओजस्वी संबोधन में मुख्य अतिथि सरदार नरेंद्र जीत सिंह ने कहा कि जीवन मूल्यों का पालन करना ही वास्तविक नेतृत्व है ।आध्यात्मिकता प्रत्येक क्षेत्र में विद्यमान है।नेतृत्व के ये बैजेस विश्वास, अनुशासन, कर्तव्य निष्ठा एवं मानवता की
सच्ची सेवा के प्रतीक हैं। अपने भीतर सुदृढ़ निर्णय क्षमता और प्रभावी नेतृत्व कौशल का विकास करें तथा सदैव राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखते हुए देश की सेवा के लिए समर्पित रहें।
अंत में संत जोध सिंह जी महाराज ने मुख्य अतिथि सरदार नरेंद्र जीत सिंह बिंद्रा जी को आदर व सम्मान का प्रतीक सिरोपा तथा विद्यालय के चेयरमैन डॉ० एस.एन. सूरी ने विद्यालय का स्मृति चिह्न तथा प्रेम व सम्मान का प्रतीक उपहार भेंट किया। हेडमिस्ट्रेस श्रीमती नीरु अरोड़ा ने विद्यालय में पधारे अतिथियों का धन्यवाद ज्ञापित किया तथा नव चयनित विद्यार्थियों को शुभकामनाएँ दीं।
इस आयोजन पर विद्यालय के चेयरमैन डॉ०एस.एन. सूरी, शैक्षिक सलाहकार रेणु सूरी,एन.जी.ए की प्रधानाचार्य डॉ० सुनीता शर्मा, चंद्रभूषण पोखरियाल, निर्मल आश्रम के डायरेक्टर सरदार गुरजिंदर सिंह, उपासना गुलाटी , अवतार कौर,सीनियर समन्वय मुकुल तायल, हेडमिस्ट्रेस नीरु अरोड़ा, श्री शम्मी पैन्यूली, सदनों के संरक्षक एवं विद्यालय के शिक्षक आदि उपस्थित रहे।
